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Banswara News: चार प्रसूताओं की मौत के बाद बांसवाड़ा अस्पताल में नया मोड़, पीएमओ ने भेजा VRS आवेदन

Sun, 12 Jul 2026 04:46 PM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो Updated Sun, 12 Jul 2026 04:46 PM IST
सार

बांसवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में चार दिनों में चार प्रसूताओं की मौत के बाद जांच समिति गठित की गई है। इसी बीच पीएमओ डॉ. राजीव गौतम ने पारिवारिक समस्याओं और मानसिक तनाव का हवाला देते हुए निर्धारित समय से 26 महीने पहले वीआरएस के लिए आवेदन किया है।

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Amidst cases of maternal deaths, the PMO has sought a voluntary retirement.
महात्मा गांधी चिकित्सालय बांसवाड़ा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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महात्मा गांधी चिकित्सालय में चार दिनों के भीतर चार प्रसूताओं की मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित की है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. राजीव गौतम ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए आवेदन कर दिया है। उन्होंने इस संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के संयुक्त निदेशक को पत्र भेजा है।

बांसवाड़ा जिला मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी चिकित्सालय में 7 से 10 जुलाई के बीच चार प्रसूताओं की मौत हुई थी। इनमें 7 और 8 जुलाई को एक-एक तथा 10 जुलाई को दो प्रसूताओं की मौत हुई। इस घटना के बाद शनिवार को जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने अस्पताल पहुंचकर मामले की गंभीरता से समीक्षा की और वरिष्ठ चिकित्सकों की एक जांच समिति गठित की। समिति ने जांच शुरू कर दी है। इसी बीच अस्पताल के पीएमओ डॉ. राजीव गौतम द्वारा वीआरएस का आवेदन दिए जाने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

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सेवानिवृत्ति में अभी 26 महीने बाकी
जानकारी के अनुसार, डॉ. राजीव गौतम ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के संयुक्त निदेशक को भेजे पत्र में 1 नवंबर 2026 से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दिए जाने का अनुरोध किया है। उनकी नियमित सेवानिवृत्ति 30 सितंबर 2028 को प्रस्तावित है, यानी उन्होंने निर्धारित समय से करीब 26 महीने पहले वीआरएस की मांग की है।

आवेदन में बताई पारिवारिक और मानसिक परेशानी
वीआरएस आवेदन में डॉ. गौतम ने लिखा है कि वे पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे हैं और मानसिक तनाव की स्थिति में हैं। जानकारी के अनुसार, इससे पहले 8 जुलाई को भी उन्होंने विभागीय निदेशक को पत्र लिखकर उन्हें पीएमओ पद से कार्यमुक्त किए जाने का अनुरोध किया था। हालांकि, चार प्रसूताओं की मौत के बाद दिए गए वीआरएस आवेदन को लेकर अस्पताल और स्वास्थ्य महकमे में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

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